इमरान खान जिंदा हैं, पाकिस्तानी सेना ने किया साफ, मौत की अफवाह फैलाने वाले पत्रकार ने भी बदला बयान

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत को लेकर चल रही अटकलों पर पाकिस्तानी सेना ने स्थिति साफ कर दी है। सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने कहा है कि इमरान खान जीवित हैं और अदियाला जेल में बंद हैं। सेना का यह बयान उस दावे के बाद आया, जिसमें वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने जेल में इमरान खान की मौत की आशंका जताई थी। हालांकि, अब पत्रकार ने अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने मौत की पुष्टि नहीं की थी, बल्कि केवल आशंका व्यक्त की थी।

वजाहत सईद खान ने क्या दावा किया था?

वजाहत सईद खान ने अपने दावे के समर्थन में रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय में तैनात कम से कम तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का हवाला दिया था। उनका कहना था कि तीन वरिष्ठ सैन्य सूत्रों ने उन्हें बताया कि उन्हें आशंका है कि इमरान खान की जेल में मौत हो चुकी हो सकती है। इस दावे के बाद पाकिस्तान में इमरान खान की स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि, इमरान खान की मौत को लेकर अफवाहें पहले भी सामने आती रही हैं।

कौन हैं वजाहत सईद खान?

वजाहत सईद खान को पाकिस्तानी सेना के करीबी माने जाने वाले पत्रकारों में गिना जाता है। उन्हें इमरान खान समर्थक पत्रकार के तौर पर भी देखा जाता है। वह एमी पुरस्कार के लिए नामांकित हो चुके हैं और फिलहाल पाकिस्तान में जेल की सजा से बचने के लिए अमेरिका में रह रहे हैं। उनका यह दावा ऐसे समय सामने आया, जब इमरान खान के परिवार और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सहयोगियों ने पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी। परिवार और पार्टी के लोगों ने उनसे मिलने की अनुमति नहीं दिए जाने की शिकायत भी की थी।

इमरान समर्थकों के बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

इमरान खान की मौत की अफवाहों के बीच खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और पीटीआई नेता सोहेल अफरीदी ने दावा किया कि 20 लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के युवाओं का गुस्सा देश की हाइब्रिड सरकार के लिए नियंत्रण से बाहर हो सकता है। हाइब्रिड सरकार के संदर्भ में यह दावा किया गया है कि वास्तविक ताकत पाकिस्तान के सेना प्रमुख और सीडीएफ असीम मुनीर के हाथों में है, जबकि शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री के तौर पर रखा गया है।

27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर इमरान खान के परिवार और डॉक्टरों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई तो उससे पहले भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इमरान खान के परिवार ने भी पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि उन्हें अदियाला जेल में इमरान खान से मुलाकात करने का अवसर दिया जाए।

इमरान खान को लेकर पाकिस्तान पर बाहरी दबाव भी बढ़ा

इमरान खान की हिरासत और स्वास्थ्य को लेकर पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका के 13 सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की हिरासत का मुद्दा सीधे इस्लामाबाद के सामने उठाया जाए। सांसदों के पत्र में इमरान खान के लंबे समय तक एकांत कारावास और उनके स्वास्थ्य से जुड़े आरोपों को लेकर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टियर की चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है।

 

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